सावन के महीने में भोले नाथ के साथ करें बाल गोपाल की आराधना, होगा मंगल ही मंगल

 

बिल्हौर। सावन मास का प्रारंभ हो चुका है। आज सावन का पहला सोमवार है। सावन में हम सभी देवो के देव महादेव की अराधना करते हैं। इस मास में शिवजी की पूजा करने से सभी भक्तों की मनोकामना जरूर पूरी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन में भोले की पूजा के साथ-साथ अगर आप श्री कृष्ण की आराधना करते हैं तो भी आपकी हर मनोकामना पूरी होती है।

सावन के महीने में श्रीकृष्ण की आराधना भी की जाती है। अगर सावन के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तक कृष्ण जी की पूजा-अर्चना की जाए तो कृष्ण भक्तों को मनचाहा फल मिलता है। साथ ही इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से भक्तों को मोक्ष भी प्राप्त होता है। यही नहीं, भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करने से भक्त स्वस्थ रहते हैं। ऐसा माना गया है कि भगवान विष्णु के सबसे लोकप्रिय अवतार भगवान कृष्ण हैं।

कृष्ण की लीलाओं के बारे में कौन नहीं जानता है। इन्होंने कई लीलाएं रचाई हैं और इसीलिए इन्हें लीला पुरुषोत्तम भी कहा जाता है। बुराइयों का नाश करने के साथ-साथ श्रीकृष्ण ने लोगों को प्रेम का पाठ भी पढ़ाया था। सावन में श्रीकृष्ण की अराधना के समय हिंडोला सजाया जाता है और बालमुकुंद की झूला झुलाया जाता है। बाल कृष्ण को श्रृंगार कर उन्हें सजाया भा जाता है।

ऐसा माना जाता है कि लोग अगर अपनी-अपनी राशि के मुताबिक मंत्रों का उच्चारण करें तो श्रीकृष्ण प्रसन्न हो सकते हैं। आपकी राशि के मुताबिक, मंत्र नीचे दिए गए हैं।

मेष: ॐ विश्वरूपाय नम:

वृषभ: ॐ उपेन्द्र नम:

मिथुन: ॐ अनंताय नम:

कर्क: ॐ दयानिधि नम:

सिंह: ॐ ज्योतिरादित्याय नम:

कन्या: ॐ अनिरुद्धाय नम:

तुला: ॐ हिरण्यगर्भाय नम:

वृश्चिक: ॐ अच्युताय नम:

धनु: ॐ जगतगुरवे नम:

मकर: ॐ अजयाय नम:

कुंभ: ॐ अनादिय नम:

मीन: ॐ जगन्नाथाय नम:

 

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