अब चीन का नहीं बल्कि भारत का होगा WHO के एग्जीक्यूटिव बोर्ड पर कब्जा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया भी साथ…

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस जैसी महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ पूरी दुनिया कर रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का ही कमाल है कि भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने निर्णायक भूमिका निभाने का मौका मिल रहा है, जिसके चलते अब डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड पर चीन के बजाय भारत का कब्जा होगा और इसके लिए देश की मां शक्ति या अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने भी समर्थन किया है।

आपको बता दें कि भारत को अगले महीने यानी 22 मई के बाद डब्ल्यूएचओ में मुख्य भूमिका मिलेगी। अगले महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन की वार्षिक बैठक के बाद, भारत की जिनेवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मुख्यालय में नेतृत्व की भूमिका होगी। WHO के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए एक भारतीय प्रतिनिधि की नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया की एजेंसी और साथ ही संयुक्त राष्ट्र वैश्विक महामारी कोरोना संकट से गुजर रहा है।

संकट कितना भी गंभीर क्यों न हो, विश्व समुदाय को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। यह विश्वास इसलिए ही नहीं बताया जा रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए उचित कदम उठाए हैं बल्कि उनके पहले कार्यकाल को देखते हुए भी यह कदम उठाया जा रहा है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत को डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष का पद मई में मिल सकता है। इससे पहले यह पद चीन के हाथों मे था। लेकिन अब यह पद भारत के पास होगा और पद पाने के बाद भारत डब्ल्यूएचओ की नीतियों के निर्माण में, डब्ल्यूएचओ के काम में शीर्ष पर रहेगा।

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